अब ऑफलाइन डेबिट्ेडिट ा्ड से शॉपिंग प हेगी गूगल ी नज, ए्सप्ट्स ने जताई चिंता

गूगल अब आपी ऑफलाइन शॉपिंग प भी नज ख सते हैं. ंपनी ोड़ों यूज्स े ्ेडिट औ डेबिट ा्ड ो ट्ै ने ी तैयाी में है. इसी वजह विज्ञापन है, यानी गूगल ऐसा ऑनलाइन विज्ञापन े लिए ही है ताि ऑफलाइन ख्च िए गए पैसों ो ऑनलाइन ंपेय से.

गूगल ने हा है ि अमेिा में ंपनी ने 70 फीसदी ्ेडिट औ डेबिट ा्ड े ट्ांजै्शन ो ट्ै िया है.

अग आपो नहीं पता तो जान लीजिए. गूगल न सि्फ स्च इंजन है, बल्ि यह दुनिया ी सबसे बड़ी औ सबसे ज्यादा माई ने वाली विज्ञापन नेटव् में से ए है. लेिन यह इसे लिए ाफी नहीं है. ्योंि अब गूगल ने आपी ऑफलाइन खीदाी ट्ै ने ा मन बनाया है.

सोच हे होंगे गूगल आपी ऑफलाइन ट्ांजै्शन प ैसे नज खेगा. आपो बता दें ि गूगल ने ऐसी ंपनियों े साथ पा्टन्शिप ी है जो ऑफलाइन खीदाियों ा ट्ै िॉ्ड खते हैं. ऐसे ही गूगल े पास अमेिा े 70 फीसदी डेबिट ्ेडिट ा्ड ट्ांजै्शन ा ट्ै हता है.

अमेिी नेशनल सि्योिटी एजेंसी (NSA) े पू्व इंटेलिजेंस ऑफिस औ साइब सि्योिटी ए्सप्ट डेविड वेनेबल से हमने इस मामले प बातचीत ी है.

वेनेबल ने हा है ि गूगल ा यह दम उसे विज्ञापन ो ट्ै ने में मदद तो ेगा, लेिन साथ ही उने ऐल्गोिद्म ो औ भी मजबूत ेगा. डेविड े मुताबि यह निश्चित तौ प यूज्स ी प्सनल जिंदगी में दखल देगा. ्योंि आने वाले समय में संभवतः दूसी विज्ञापन देने वाली ंपनियों ो भी यूज्स ी असल जिंदगी मे दखल देन में मदद ेगा.

उन्होंने इसप चिंता जताते हुए हा है ि गूगल द्वाा एत् िए गए डेटा ा (संभावित) गलत इस्तेमाल िया जा सता है. दूसी विज्ञापन देने वाली ंपनियां भी इन डेटा ा गलत इस्तेमाल सती हैं.

साइब सि्योिटी ए्सप्ट्स औ प्ाइवेसी े जाना इसे गलत मानते हैं, लेिन गूगल ो इसमें ोई बुाई नहीं दिखती. ऐसा इसलिए ्योंि गूगल ा बिजनेस मॉडल ही ऐसा है.

हालांि गूगल ो इनमें से सि्फ इतनी ही जानाी मिल पाएग ि यूज ने तय समयसीमा में ितना ख्च िया. गूगल ने हा है ि वो ये नहीं ट्ै सेगा ौन ्या खीद हा है. यानी आपने ब ितना ख्च िया ऐसी जानाी गूगल े पास होगी.

साइब सि्योिटी ए्सप्ट्स े मुताबि ऑनालइन ट्ांजै्शन ट्ैिंग े लिए गूगल े पास अपने टूल्स हैं. लेिन अब ऑफलाइन प भी गूगल ी नज है. इसे पीछे गूगल ी दलील यही है जो दूसे ते हैं. यानी आपो बताया जाता है ि यह आपे फायदे े लिए है. आपो बेहत विज्ञापन दिखाए जाएंगे ताि खीदाी ने में आसानी हो.

वि्ेताओं ी सहूलियत े लिए बनया गया है इसे, लेिन यूज ा हित हां?
गूगल ा हना है ि इस नई ऑफलाइन ट्ैिंग े बाद अब जैसे ही डिजिटल विज्ञापन ो देख ोई यूज िसी ऑफलाइन स्टो से खीदाी ेगा तो म्चेंट ो इसी जानाी ऑटोमैटिली चली जाएगी. इससे पहले ऐसा नहीं था, ्योंि यूज डिजिटल ऐड प ्लि ते थे जिससे विज्ञापन देने वाले म्चेंट्स ो इसी जानाी नहीं होती थी ि उस विज्ञापन से इंस्पाय हो ऑफलाइन स्टो से यूज ने खीदाी ी है या नहीं. इससे म्चेंट्स ो ऐसा लगेगा ि उने द्वाा विज्ञापन प ख्च िया गया पैसा बेा गया.

यानी यह ऑफलाइन ट्ैिंग पूी तह से डिजिटल विज्ञापन औ म्चेंट्स े हित में है. इससे यूज्स प्भावित हो सते हैं, खास वो जो अपनी प्ाइवेसी ो ले चिंतित हते हैं.