ामनवमी ा उत्सव

ऐसा माना जाता है ि भगवान ाम ा जन्म मध्यान्ह ाल में व्याप्त नवमी तिथि ो पुष्य न्षत् में हुआ था। महाभात वनप्व े अनुसा पुन्वसु न्षत् में ाम ा जन्म होना लिखा है।

देशभ में नौ दिनों त चले नवात् महोत्सव ा 5 अप्ैल ो समापन हो जाएगा। इस दिन ो ामनवमी े नाम से जाना जाता है। इसी दिन सभी भ्त न्या पूजन े अपने व्त ो खोलेंगे। बसंत ऋतु में आने वाले इस त्योहा ो भगवान ाम े जन्मदिन े तौ प देशभ में मनाया जाता है। यह हिंदुओं े वैष्णव पंथ ो मानने वाले लोगों े लिए बहुत महत्वपू्ण त्योहा होता है। हिंदुओं में विष्णु ो भगवान ा सातवां अवता माना जाता है। नवात्ी चैत् मास ी शु्ल प्ष में आती है। इस दिन ाम ी था पढ़ी औ सुनाई जाती है। इस साल ाम नवमी ा शुभ समय सुबह 10.3 मिनट से शुू हो जाएगा।

ऐसा माना जाता है ि भगवान ाम ा जन्म मध्यान्ह ाल में व्याप्त नवमी तिथि ो पुष्य न्षत् में हुआ था। महाभात वनप्व े अनुसा पुन्वसु न्षत् में ाम ा जन्म होना लिखा है। इस साल चा अप्ैल ो सू्योदय ाल से ात्ि े 11:12 बजे त पुन्वसु न्षत् हेगा। मंगलवा ो पुन्वसु न्षत् े आने से बना स्थि योग ा्यसिद्धि प्दाय माना जाता है। इसी वजह से इस दिन खुद सिद्ध मु्हुत में शुभ मंगल ा्य ना अति श्ेष्ठ फलदायी औ सिद्धि प्ाप्त ाने वाला है। व्यावसायि ामों ी शुुआत े लिए यह दिन बहुत ही शुभ माना जाता है।

ामनवमी े दिन बहुत से लोग ाम जन्म भूमि अयोध्या जाते हैं औ ब्ह्म मुहू्त में सयू नदी में स्नान ने े बाद भगवान ाम े मंदि जा भ्तिभाव से पूजा-पाठ ते हैं। इस दिन जगह-जगह ामायण ा पाठ वाया जाता है। ई स्थानों में ाम, सीता, ल्ष्मण औ हुमान ी झाियां या पाली निाली जाती है। इसमें हजाों ी संख्या में श्द्धालु हिस्सा लेते हैं।

पूजा विधि– प्ातः ाल स्नान आदि से निवृत्त हो सबसे पहले ाम दबा ी पूजा में भगवान श्ी ाम ा पूजन, आह्वान औ आती ें। इसे बाद पुष्पांजलि अ्पित े ्षमा प्ा्थना े। आखि में इस मंत् ा जाप ते हुए सम्पण ें। ृतेनानेन पूजनेन श्ी सीताामाय सम्पयामि। वहीं नाद पुाण े अनुसा ाम नवमी े दिन सभी भ्तों ो उपवास ने ा सुझाव दिया गया है। भगवा ाम ी पूजा े बाद ब्ाह्मणों ो भोजन वाना चाहिए। उसे बाद उन्हें गाय, जमीन, पड़े औ द्षिणा दे दोनों हाथ जोड़ विदा ना चाहिए। जिसे बाद ही ाम ी पूजा खत्म होती है।