योग ने से पहले इन नियमों ो जू जान ले

योग साधाण सत से बहुत ही अलग होता है। योगासन ो सत या व्यायाम हना गलत है, ्योंि योग ा मुख्य उद्देश्य मांसपेशियों ो मजबूत ना नहीं होता है, बल्ि इसा उद्देश्य तनाव औ अन्य शाीि समस्याओं आदि ो दू ना होता है। योग ने े लिए आपो आत्मविश्वास औ इसे साथ ही ुछ नियम औ अनुशासन ा निन्त पालन ने ी आवश्यता होती है। अभ्यास ो जाी भी खना आवश्य होता है।

योगासन ने से पहले ये जानना जुी होता है ि योग ्या होता है औ इसे ने े लिए ्या-्या सावधानियां बतनी चाहिए। योग अभ्यास ा ए प्ाचीन ूप है। इसे ने से शी ी तात औ श्वास ेंद्ित होते है जो ि शाीि औ मानसि स्वास्थ्य ो बढ़ा देते हैं।

योग े दो मुख्य घट होते हैं- आसन औ श्वास। भात में योग 5000 साल पहले शुू हुआ था औ अब दुनिया े लगभग साे देश इसे अपनाने लगे हैं। योग आजल हेल्थ-्लब्स, स्ूल्स, हॉस्पिटल्स आदि स्थानों प होने लगा है। योग े नियम औ शिष्टाचा ा पालन े आप योग अभ्यास ो सुखद औ आनंदमय बना सते हैं। अग हमें योग ने े लिए नियम औ छोटी छोटी सावधानियों ा पता नहीं होगा, तो आपे स्वास्थ्य ो लाभ े बजाय नुसान भी हो सता है। आइए जानते हैं

योग ा पालन े पाये अच्छे पिणाम

समय नि्धाित ें

योग ने े लिए जुी होता है ि आप ए निश्चित समय चुन लें औ ोज़ाना उसी समय योग ें। आप सुबह जल्दी उठ, दोपह में भोजन खाने से पहले या फि शाम में योग सते हैं। आमतौ प सुबह े समय योग ना बहुत ही अच्छा माना जाता है, ्योंि उस समय आप औ आपे आसपास ा वातावण शांत होता है औ सुबह े समय आपी ऊ्जा-श्ति भी ज्यादा होती है। इसलिए, सुबह योग ने से पुे दिन वैसी ही ऊ्जा बनी हती है औ आपो दिनभ स्िय खती है।

सही स्थान ा चुनाव ें

अग आपा खुद ा घ में अलग से मा है तो आप वह योग सते हैं औ अग ऐसा नहीं है, तो आप अपने घ ा ोई भी साफ़ औ शांत स्थान चुन लें, जहां आप प्याप्त जगह हो औ आप वहां अपनी योग-चटाई बिछा योग से। याद हे ि वह स्थान हवादा हो औ स्वच्छ हो। ध्यान खें ि भी भी योग फ्श या ज़मीन प न ें। हमेशा चटाई या स्वच्छ पडे ो ज़मीन प बिछा उस प बैठ योग ें। अग आप योग सुबह ते हैं तो चेहा पू्व या उत्त दिशा ी तफ खे औ शाम ो योग ते समय पश्चिम या द्षिण दिशा ी तफ चेहा े योग ें।

खाली पेट योग ें

भी भी योग-आसन खाने े बाद तुंत बाद न ें। ऐसा ना बहुत ही नुसान-दाय साबित हो सता है। योग सुबह खाली पेट ें। अग सुबह आपे पास समय नहीं होता है योग ने ा, तो दिन में आप खाना खाने े 2 से 3 घंटे बाद योग सते हैं। वज्ासन ही ए ऐसा आसन है, जिसे खाना खाने े तुंत बाद ना चाहिए, ्योंि यह आसन आपे पाचन तंत् ो व्यवस्थित खने में मदद ता है।

पड़ो ा चुनाव

यह ध्यान खे ी भी भी योग ते समय तंग पड़े ना पहने, ्योंि ऐसे पड़े पहनने से आप योग-आसन अच्छे से औ दे त नहीं पाएंगे। ढीले औ आामदायी पडे पहन योग ें। इसे अलावा आपने अग गले, हाथ, पै में गहने औ आभूषण पहने हुए हैं, तो योग ने से पहले उसे भी निाल ख दें। योग ने से पहले भाी मे-अप से बचें।

शांत हें

योग हमेशा अेले या िसी शांत स्थान प ें। ध्यान हे ि योग ते समय िसी से बात-चीत न ें औ फ़ोन या मोबाइल ो अपने साथ न खे। इससे ध्यान भ्ष्ट होता है औ आप एाग्ता से योग नहीं पाते हैं, जिससे अच्छे पिणाम जल्द नहीं मिल पाते हैं।

महिलायों े लिए

महिलाओं ो उने मासि ध्म े दौान योग नहीं ना चाहिए, ्यूंि इस अवधि में ग्भाशय गुहा खुला हता है औ ्त-स्त्ाव ी प््िया जाी हती है। अतः इस दौान योग ने से ्त-स्त्ाव संबंधी गम्भी समस्याएं हो सती हैं।

इसे अलावा, अग ोई महिला ग्भवती है, उसे ग्भावस्था े दौान योग नहीं ना चाहिए। ग्भावस्था े 3 महीने बाद योग े ुछ सल आसन िये जा सते हैं। लेिन, ऐसी स्थिति में योग ने से पहले योग-प्शि्ष से जू पाम्श लें।

संयम बतें

जब लोग पहले बा योग सीखते हैं, तो अ्स उने मन में यह ख्याल आता है ि अग मैं जल्दी जल्दी योग ूंगा तो उतना ही जल्दी मुझे इसा फायदा मिलेगा। यह ए गलत सोच है। व्य्ति ो योग ते समय संयम औ धीज खना चाहिए, ्योंि ह व्य्ति ी ्षमता अलग अलग होती है, औ उसे ही हिसाब से वह योग पाता है। इसलिए अग संयम े साथ आप योग सीखेंगे औ ेंगे, तो आपो औ भी नई तह ी योग- मुद्ाएं सिखने मिलेंगी, जिससे आपो साात्म पिणाम देखने ो मिलेंगे।

श्वास ा खे ख्याल

श्वाश योग ा उतना ही महत्वपू्ण घट है जितना ि योग े आसन। श्वास ी प््िया ो नियंत्ित िये बिना े योग-आसन ना अधूा है। योग-आसन ते समय भी भी मुंह से श्वास ना लें। मुंह से श्वास लेना बहुत ही हानिा हो सता है। इसलिए हमेशा योग ते समय श्वाश ना े माध्यम से ही लें। योग-प्शि्ष से जानाी ले योग-आसन ते समय नियम े अनुसा ही श्वाश लेते औ छोड़ते हें। ध्यान हे, योग-आसन ते समय भी भी श्वाश ी प््िया ो ना ोें।