प्ाणायाम Pranayam

प्ाण ा अ्थ, ऊ्जा अथवा जीवनी श्ति है तथा आयाम ा तात्प्य ऊ्जा ो नियंत्ित नाहै। इस नाडीशोधन प्ाणायाम े अ्थ में प्ाणायाम ा तात्प्य ए ऐसी ्िया से है जिसे द्वाा प्ाण ा प्सा विस्ता िया जाता है तथा उसे नियंत्ण में भी खा जाता है.

 

यहाँ 3 प्मुख प्ाणायाम े बाे में च्चा ी जा ही है:-

अनुलोम-विलोम प्ाणायाम Anulom Vilom Pranayam

विधि:-

ध्यान े आसान में बैठें।
बायीं नासिा से श्वास धीे-धीे भीत खींचे।
श्वास यथाश्ति ोने (ुम्भ) े पश्चात दायें स्व से श्वास छोड़ दें।
पुनः दायीं नाशिा से श्वास खीचें।
यथाश्ति श्वास ूने (ुम्भ) े बाद स्व से श्वास धीे-धीे निाल दें।
जिस स्व से श्वास छोड़ें उसी स्व से पुनः श्वास लें औ यथाश्ति भीत ो खें… ्िया सावधानी पू्व ें, जल्दबाजी ने ें।

लाभ:-

शी ी सम्पू्ण नस नाडियाँ शुद्ध होती हैं।
शी तेजस्वी एवं फु्तीला बनता है।
भूख बढती है।
्त शुद्ध होता है।

सावधानी:-

ना प उँगलियों ो खते समय उसे इतना न दबाएँ ी ना ि स्थिति टेढ़ी हो जाए।
श्वास ी गति सहज ही हे।
ुम्भ ो अधि समय त न ें।

भ्ामी प्ाणायाम Bhramri Panayam

स्थिति:- िसी ध्यान े आसान में बैठें.

विधि:-

आसन में बैठ ीढ़ ो सीधा हाथों ो घुटनों प खें . त्जनी ो ान े अंद डालें।
दोनों ना े नथुनों से श्वास ो धीे-धीे ओम शब्द ा उच्चाण ने े पश्चात मधु आवाज में ंठ से भौंे े समान गुंजन ें।
ना से श्वास ो धीे-धीे बाह छोड़ दे।
पूा श्वास निाल देने े पश्चात भ्म ी मधु आवाज अपने आप बंद होगी।
इस प्ाणायाम ो तीन से पांच बा ें।

लाभ:-

वाणी तथा स्व में मधुता आती है।
ह्दय ोग े लिए फायदेमंद है।
मन ी चंचलता दू होती है एवं मन एाग् होता है।
पेट े विाों ा शमन ती है।
उच्च ्त चाप प नियंत्ण ता है।

यहाँ देखे वीडियो
https:www.youtube.comwatch?v=gwC1pBZwf54